हम सोचते है कि, वो सोचते रेहते है हमारे बारेमे... वो सोचतें है, क्या भला हम सोचते है उनकें बारेमे...
कितना गलत सोचतें है हम, एक दुसरें के बारेमे... हम डुबें उनकी याद में, और वो है उसी फरियाद में...
~ अरुण भऊड
No comments:
Post a Comment